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अथर्ववेद

Kanda 14 • Sukta 1 • Mantra 63

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 14 • सूक्त 1 • मन्त्र 63

14.1.63

Mantra ID: 14.1.63

मा हिं॑सिष्टंकुमा॒र्यं स्थूणे॑ दे॒वकृ॑ते प॒थि । शाला॑या दे॒व्या द्वारं॑ स्यो॒नं कृ॑ण्मोवधूप॒थम् ॥ (६३)

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अथर्ववेद मन्त्र 14.1.63 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे देव! इस वधू को वहन करने वाले रथ को हानि मत पहुंचाओ. हम इस वधू के मार्ग को शाला के द्वार पर कल्याणमय बनाते हैं. (६३)

EN English Translation

O God! Don't harm the chariot carrying this bride. We make this bride's path welfare at the door of the school. (63)

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