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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 14 • Mantra 11

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 14 • मन्त्र 11

15.14.11

Mantra ID: 15.14.11

स यत्प॒शूननु॒व्यच॑लद्रु॒द्रो भू॒त्वानु॒व्यचल॒दोष॑धीरन्ना॒दीः कृ॒त्वा ॥ (११)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.14.11 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जब वह पशुओं की ओर चला तब ओषधियों को अन्नाद बनाते हुए उस ने रुद्र के रूप में गमन किया. (११)

EN English Translation

When he walked towards the animals, he went as Rudra, making the medicines annad. (11)

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