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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 6 • Mantra 25

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 6 • मन्त्र 25

15.6.25

Mantra ID: 15.6.25

तं प्र॒जाप॑तिश्चपरमे॒ष्ठी च॑ पि॒ता च॑ पिताम॒हश्चा॑नु॒व्यचलन् ॥ (२५)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.6.25 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

प्रजापति, परमेष्ठी पिता और पितामह उस के पीछे चले. (२५)

EN English Translation

Prajapati, Parameshti Pita and Pitamah followed him. (25)

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