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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 6

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15

Kanda 15 • Sukta 6

26 Mantras Loaded
Mantra 15.6.1

स ध्रु॒वांदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (१)

हि हिन्दी अनुवाद

वह व्रात्य ध्रुव दिशा की ओर चल पड़ा. (१)

EN English Translation

He walked towards the pole direction. (1)

Mantra 15.6.2

तंभूमि॑श्चा॒ग्निश्चौष॑धयश्च॒ वन॒स्पत॑यश्च वानस्प॒त्याश्च॑वी॒रुध॑श्चानु॒व्यचलन् ॥ (२)

हि हिन्दी अनुवाद

पृथ्वी, अग्नि, ओषधि, वनस्पति तथा ओषधियां उस के पीछे चले. (२)

EN English Translation

Earth, agni, medicine, vegetation and medicine followed him. (2)

Mantra 15.6.3

भूमे॑श्च॒ वैसो॒ऽग्नेश्चौष॑धीनां च॒ वन॒स्पती॑नां च वानस्प॒त्यानां॑ च॑ वी॒रुधां॑ चप्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (३)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है, वह पृथ्वी, अग्नि, ओषधि एवं वनस्पतियों का प्रिय होता है. (३)

EN English Translation

He who knows this is dear to earth, agni, medicine and vegetation. (3)

Mantra 15.6.4

स ऊ॒र्ध्वांदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (४)

हि हिन्दी अनुवाद

वह ऊपर की दिशा की ओर चला. (४)

EN English Translation

He walked upwards. (4)

Mantra 15.6.5

तमृ॒तं च॑ स॒त्यंच॒ सूर्य॑श्च च॒न्द्रश्च॒ नक्ष॑त्राणि चानु॒व्यचलन् ॥ (५)

हि हिन्दी अनुवाद

ऋतु, सत्य, सूर्य, चंद्र और नक्षत्र उस के पीछे चले. (५)

EN English Translation

Season, truth, sun, moon and constellations followed him. (5)

Mantra 15.6.6

ऋ॒तस्य॑ च॒ वै सस॒त्यस्य॑ च॒ सूर्य॑स्य च च॒न्द्रस्य॑ च॒ नक्ष॑त्राणां च प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ यए॒वं वेद॑ ॥ (६)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है वह सूर्य, चंद्रमा तथा नक्षत्र का प्रिय स्थान होता है. (६)

EN English Translation

One who knows this is the favorite place of sun, moon and constellation. (6)

Mantra 15.6.7

स उ॑त्त॒मांदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (७)

हि हिन्दी अनुवाद

वह उत्तर दिशा की ओर चला. (७)

EN English Translation

He walked towards north direction. (7)

Mantra 15.6.8

तमृच॑श्च॒सामा॑नि च॒ यजूं॑षि च॒ ब्रह्म॑ चानु॒व्यचलन् ॥ (८)

हि हिन्दी अनुवाद

साम, यजु, ऋचाएं और ब्रह्म उस के पीछे चले. (८)

EN English Translation

Sama, Yaju, Richayen and Brahma followed him. (8)

Mantra 15.6.9

ऋ॒चां च॒ वै ससाम्नां॑ च॒ यजु॑षां च॒ ब्रह्म॑णश्च प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (९)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है, वह साम, यजु, ऋचा और ब्रह्म का प्रिय धाम होता है. (९)

EN English Translation

One who knows this is the beloved abode of Sama, Yaju, Richa and Brahman. (9)

Mantra 15.6.10

स बृ॑ह॒तींदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (१०)

हि हिन्दी अनुवाद

उस ने बृहती दिशा में गमन किया. (१०)

EN English Translation

He moved in a greater direction. (10)

Mantra 15.6.11

तमि॑तिहा॒सश्च॑पुरा॒णं च॒ गाथा॑श्च नाराशं॒सीश्चा॑नु॒व्यचलन् ॥ (११)

हि हिन्दी अनुवाद

पुराण, इतिहास तथा मनुष्यों की प्रशंसात्मक गाथाएं उस के पीछेपीछे चलीं. (११)

EN English Translation

The Puranas, history and praiseworthy stories of human beings followed him. (11)

Mantra 15.6.12

इ॑तिहा॒सस्य॑ च॒वै स पु॑रा॒णस्य॑ च॒ गाथा॑नां च नाराशं॒सीनां॑ च प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (१२)

हि हिन्दी अनुवाद

इस बात को जो जानता है, वह पुराण, इतिहास तथा गाथाओं का प्रिय धाम बनता है. (१२)

EN English Translation

Those who know this become the favorite place of puranas, history and sagas. (12)

Mantra 15.6.13

स प॑र॒मांदिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (१३)

हि हिन्दी अनुवाद

उस ने परम दिशा की ओर प्रस्थान किया. (१३)

EN English Translation

He departed towards the ultimate direction. (13)

Mantra 15.6.14

तमा॑हव॒नीय॑श्च॒गार्ह॑पत्यश्च दक्षिणा॒ग्निश्च॑ य॒ज्ञश्च॒ यज॑मानश्च प॒शव॑श्चानु॒व्यचलन् ॥ (१४)

हि हिन्दी अनुवाद

आहवनीय, गार्हपत्य तथा दक्षिण अग्नियां उस के पीछेपीछे चलीं. (१४)

EN English Translation

The callous, the guardianship and the south agnis followed him. (14)

Mantra 15.6.15

आ॑हव॒नीय॑स्य च॒वै स गार्ह॑पत्यस्य च दक्षिणा॒ग्नेश्च॑ य॒ज्ञस्य॑ च॒ यज॑मानस्य च पशू॒नां च॑प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (१५)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है, आहवनीय, गार्हपत्य और दक्षिण नाम की अग्नियों का वह प्रिय धाम बनता है. (१५)

EN English Translation

He who knows this, he becomes the beloved abode of the agnis named Ahuvani, Garhapatya and South. (15)

Mantra 15.6.16

सोऽना॑दिष्टां॒दिश॒मनु॒ व्यचलत् ॥ (१६)

हि हिन्दी अनुवाद

वह अनादिष्ट दिशा की ओर चल पड़ा. (१६)

EN English Translation

He walked in the direction. (16)

Mantra 15.6.17

तमृ॒तव॑श्चार्त॒वाश्च॑ लो॒काश्च॑ लौ॒क्याश्च॒ मासा॑श्चार्धमा॒साश्चा॑होरा॒त्रेचा॑नु॒व्यचलन् ॥ (१७)

हि हिन्दी अनुवाद

तऋतुएं, पदार्थ, लोक, मास, पक्ष, दिवस और रात्रि उस के पीछेपीछे चलने लगे. (१७)

EN English Translation

Seasons, substances, folk, months, sides, days and nights followed him. (17)

Mantra 15.6.18

ऋ॑तू॒नां च॒ वै सआ॑र्त॒वानां॑ च लो॒कानां॑ च लौ॒क्यानां॑ च॒ मासा॑नां चार्धमा॒सानां॑चाहोरा॒त्रयो॑श्च प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (१८)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है, वह पुरुष ऋतुओं, पदार्थो, लोक, मासों, पक्षों, दिवसों और रात्रियों का प्रिय धाम बनता है. (१८)

EN English Translation

The man who knows this becomes the beloved abode of seasons, substances, folk, months, sides, days and nights. (18)

Mantra 15.6.19

सोऽना॑वृत्तां॒दिश॒मनु॒ व्यचल॒त्ततो॒ नाव॒र्त्स्यन्न॑मन्यत ॥ (१९)

हि हिन्दी अनुवाद

वह अनावृत दिशा की ओर चला. (१९)

EN English Translation

He walked in an open direction. (19)

Mantra 15.6.20

तं दिति॒श्चादि॑ति॒श्चेडा॑ चेन्द्रा॒णी चा॑नु॒व्यचलन् ॥ (२०)

हि हिन्दी अनुवाद

इडा, इंद्राणी, दिति और अदिति उस के पीछेपीछे चलीं. (२०)

EN English Translation

Ida, Indrani, Diti and Aditi followed him. (20)

Mantra 15.6.21

दिते॑श्च॒ वै सोऽदि॑ते॒श्चेडा॒याश्चे॑न्द्रा॒ण्याश्च॑ प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२१)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है. वह पुरुष इडा, इंद्राणी, दिति और अदिति का प्रिय धाम बनता है. (२१)

EN English Translation

Who knows this. The man becomes the beloved abode of Ida, Indrani, Diti and Aditi. (21)

Mantra 15.6.22

स दिशोऽनु॒व्यचल॒त्तं वि॒राडनु॒ व्यचल॒त्सर्वे॑ च दे॒वाः सर्वा॑श्च दे॒वताः॑ ॥ (२२)

हि हिन्दी अनुवाद

उस ने दिशाओं की ओर गमन किया. विराट्‌, अदिति देव और देवता उस के पीछेपीछे चलने लगे. (२२)

EN English Translation

He moved in directions. Virat, Aditi Dev and Devta followed him. (22)

Mantra 15.6.23

वि॒राज॑श्च॒ वै ससर्वे॑षां च दे॒वानां॒ सर्वा॑सां च दे॒वता॑नां प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२३)

हि हिन्दी अनुवाद

जो इस बात को जानता है, वह विराट और सभी देवों का प्रिय धाम होता है. (२३)

EN English Translation

The one who knows this is the beloved abode of Virat and all the gods. (23)

Mantra 15.6.24

ससर्वा॑नन्तर्दे॒शाननु॒ व्यचलत् ॥ (२४)

हि हिन्दी अनुवाद

वह सभी अंतर्दिशाओं की ओर चला. (२४)

EN English Translation

He walked towards all the hinterlands. (24)

Mantra 15.6.25

तं प्र॒जाप॑तिश्चपरमे॒ष्ठी च॑ पि॒ता च॑ पिताम॒हश्चा॑नु॒व्यचलन् ॥ (२५)

हि हिन्दी अनुवाद

प्रजापति, परमेष्ठी पिता और पितामह उस के पीछे चले. (२५)

EN English Translation

Prajapati, Parameshti Pita and Pitamah followed him. (25)

Mantra 15.6.26

प्र॒जाप॑तेश्च॒वै स प॑रमे॒ष्ठिन॑श्च पि॒तुश्च॑ पिताम॒हस्य॑ च प्रि॒यं धाम॑ भवति॒ य ए॒वं वेद॑ ॥ (२६)

हि हिन्दी अनुवाद

जो पुरुष इस बात को जानता है, वह प्रजापति, परमेष्ठी, पिता और पितामह का प्रिय धाम होता है. (२६)

EN English Translation

The man who knows this is the beloved abode of Prajapati, Parameshti, Father and Pitamah. (26)

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