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अथर्ववेद

Kanda 15 • Sukta 6 • Mantra 5

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 15 • सूक्त 6 • मन्त्र 5

15.6.5

Mantra ID: 15.6.5

तमृ॒तं च॑ स॒त्यंच॒ सूर्य॑श्च च॒न्द्रश्च॒ नक्ष॑त्राणि चानु॒व्यचलन् ॥ (५)

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अथर्ववेद मन्त्र 15.6.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

ऋतु, सत्य, सूर्य, चंद्र और नक्षत्र उस के पीछे चले. (५)

EN English Translation

Season, truth, sun, moon and constellations followed him. (5)

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