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20.74.3
नि ष्वा॑पया मिथू॒दृशा॑ स॒स्तामबु॑ध्यमाने । आ तू न॑ इन्द्र शंसय॒ गोष्वश्वे॑षु शु॒भ्रिषु॑ स॒हस्रे॑षु तुवीमघ ॥ (३)
शास्त्र जिज्ञासा: इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
अथर्ववेद मन्त्र 20.74.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! मुझे मेरे दोनों नेत्रो के द्वारा निद्रा प्रदान करो. हमारी हजारों गायों आदि को भी निद्रा प्रदान करो. (३)
EN English Translation
O Indra! Give me sleep through both my eyes. Give sleep to thousands of our cows etc. (3)