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20.92.4
उद्यद्ब्र॒ध्नस्य॑ वि॒ष्टपं॑ गृ॒हमिन्द्र॑श्च॒ गन्व॑हि । मध्वः॑ पी॒त्वा स॑चेवहि॒ त्रिः स॒प्त सख्युः॑ प॒दे ॥ (४)
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अथर्ववेद मन्त्र 20.92.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
ऊपर जो वृत्र राक्षस का हनन करने वाला स्वर्ग है, उस में हम इंद्र के साथ गमन करें. हम इक्कीस बार मधु को पी कर इंद्र की मित्रता प्राप्त करें. (४)
EN English Translation
Let us go with Indra in the above tree which is the heaven that destroys the demon. Let us drink Madhu twenty-one times and get Indra's friendship. (4)