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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 96 • Mantra 12

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 96 • मन्त्र 12

20.96.12

Mantra ID: 20.96.12

यस्ते॒ गर्भ॒ममी॑वा दु॒र्णामा॒ योनि॑मा॒शये॑ । अ॒ग्निष्टं ब्रह्म॑णा स॒ह निष्क्र॒व्याद॑मनीनशत् ॥ (१२)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.96.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो दुष्ट रोग तेरे गर्भाशय में व्याप्त हो रहा है, उसे अग्नि देव मंत्र के बल से नष्ट करें. (१२)

EN English Translation

Destroy the evil disease that is spreading in your uterus with the strength of agni dev mantra. (12)

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