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अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 96 • Mantra 15

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 96 • मन्त्र 15

20.96.15

Mantra ID: 20.96.15

यस्त्वा॒ भ्राता॒ पति॑र्भू॒त्वा जा॒रो भू॒त्वा नि॒पद्य॑ते । प्र॒जां यस्ते॒ जिघां॑सति॒ तमि॒तो ना॑शयामसि ॥ (१५)

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अथर्ववेद मन्त्र 20.96.15 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो पिशाच पति, उपपति अथवा भाई बन कर आता हुआ तेरे गर्भ में स्थित शिशु को नष्ट करना चाहता है, हम उसे मारते हैं. (१५)

EN English Translation

The vampire who comes as a husband, vice-husband or brother and wants to destroy the child in your womb, we kill him. (15)

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