Popular:
अथर्ववेद

Kanda 20 • Sukta 97 • Mantra 1

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 20 • सूक्त 97 • मन्त्र 1

20.97.1

Mantra ID: 20.97.1

व॒यमे॑नमि॒दा ह्योऽपी॑पेमे॒ह व॒ज्रिण॑म् । तस्मा॑ उ अ॒द्य स॑म॒ना सु॒तं भ॒रा नू॒नं भू॑षत श्रु॒ते ॥ (१)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

अथर्ववेद मन्त्र 20.97.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्तोताओ! हम ने इंद्र को सोमरस से पुष्ट किया है. तुम भी प्रसन्न मन से उन्हें संस्कार किया हुआ सोम प्रदान करो तथा उन्हें स्तोत्रों के द्वारा सुसज्जित करो. (१)

EN English Translation

O stotao! We have confirmed Indra with somers. You should also give them the sacramented Soma with a happy heart and equip them with hymns. (1)

卐 HinduText AI