भगवान शिव ने गणेश का शीश क्यों काटा?
भगवान शिव अपने ही पुत्र गणेश को पहचान नहीं पाए और क्रोध में उनका शीश काट दिया।
भगवान शिव अपने ही पुत्र गणेश को पहचान नहीं पाए और क्रोध में उनका शीश काट दिया।
सनातन हिंदू धर्म में अनेक देवी-देवताओं की पूजा की जाती है। कहीं विष्णु को सर्वोच्च कहा जाता है, कहीं शिव को, तो कहीं शक्ति को। इसलिए यह स्पष्ट नहीं है कि वास्तविक ईश्वर कौन है। इस कारण हिंदू धर्म बहुदेववादी प्रतीत होता है और एक परमेश्वर की अवधारणा अस्पष्ट लगती है।
"Hinduism is fundamentally based on belief in God. Therefore, anyone who does not believe in God cannot be considered part of the Hindu Tradition.
A unified Hindu religious identity is a modern invention. Stretch it as far as you want — you cannot go beyond the 19th century.
If Hinduism is truly a timeless and cosmic religion, why do its texts fail to explicitly name prehistoric animals like dinosaurs, or geographically distant species like penguins?
कुछ विधर्मियों तथा सनातन विरोधियों द्वारा सनातन धर्म पर यह लांछन लगाया जाता है कि इनके धर्म में तो देवी - देवता ही 33 करोड़ हैं, फिर उनके मंदिर, नाम और पूजा पद्धति क्या-क्या है, इन्हें खुद नहीं पता...! चलिए आज इस तथ्य की सत्यता और अस्पष्टता से पर्दा हटाते हैं।
सनातनी हिंदू धर्म में कतिपय पुराणों के आख्यानों का शाब्दिक और स्थूल अर्थ निकालकर यह दुष्प्रचार किया जाता है कि ब्रह्माण्ड रचयिता भगवान ब्रह्माजी अपनेही पुत्री सरस्वती पर मोहित होकर उनसे विवाह करते हैं ?