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अथर्ववेद

Kanda 16 • Sukta 8 • Mantra 2

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 16 • सूक्त 8 • मन्त्र 2

16.8.2

Mantra ID: 16.8.2

तस्मा॑द॒मुंनिर्भ॑जामो॒ऽमुमा॑मुष्याय॒णम॒मुष्याः॑ पु॒त्रम॒सौ यः ॥ (२)

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अथर्ववेद मन्त्र 16.8.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इस अपराध के कारण हम शत्रु पर आक्रमण करते हैं. इस गोत्र वाला तथा इस का पुत्र हमारा शत्रु है. (२)

EN English Translation

Because of this crime, we attack the enemy. This tribe and its son are our enemies. (2)

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