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अथर्ववेद

Kanda 5 • Sukta 13 • Mantra 9

Atharvaveda (अथर्ववेद)

अथर्ववेद • काण्ड 5 • सूक्त 13 • मन्त्र 9

5.13.9

Mantra ID: 5.13.9

क॒र्णा श्वा॒वित्तद॑ब्रवीद्गि॒रेर॑वचरन्ति॒का । याः काश्चे॒माः ख॑नि॒त्रिमा॒स्तासा॑मर॒सत॑मं वि॒षम् ॥ (९)

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अथर्ववेद मन्त्र 5.13.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पर्वतों पर घूमने वाली और कांटों वाली ने कहा कि जो सांपिनें धरती में बिल बना कर निवास करती हैं, उन का विष प्रभावहीन हो जाए. (९)

EN English Translation

The mountain walkers and thorns said that the snakes who live in the earth by making burrows, their venom should become ineffective. (9)

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