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5.22.1
अ॒ग्निस्त॒क्मान॒मप॑ बाधतामि॒तः सोमो॒ ग्रावा॒ वरु॑णः पू॒तद॑क्षाः । वेदि॑र्ब॒र्हिः स॒मिधः॒ शोशु॑चाना॒ अप॒ द्वेषां॑स्यमु॒या भ॑वन्तु ॥ (१)
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अथर्ववेद मन्त्र 5.22.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि देव ज्वर को बाधा पहुचाएं. पत्थर के समान दृढ़ सौम्य, पवित्र और दक्ष वरण, वेल्वी, कुश तथा प्रज्वलित समिधाएं ज्वर से द्वेष करने वाली हों. (१)
EN English Translation
Obstruct the agni god fever. Strong, gentle, holy and efficient varan, velvy, kush and ignited samidhas like stone should be febrile-mongering. (1)