Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 102 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 102 • ऋचा / मन्त्र 8

10.102.8

Mantra ID: 10.102.8

शु॒नम॑ष्ट्रा॒व्य॑चरत्कप॒र्दी व॑र॒त्रायां॒ दार्वा॒नह्य॑मानः । नृ॒म्णानि॑ कृ॒ण्वन्ब॒हवे॒ जना॑य॒ गाः प॑स्पशा॒नस्तवि॑षीरधत्त ॥ (८)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.102.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

चाबुक और कोड़े वाला व्यक्ति चमड़े की रस्सी से रथ के भागों को बांधकर सुखपूर्वक घूमने लगा. उसने अनेक लोगों का उद्धार किया तथा अनेक गायों की रक्षा की. (८)

EN English Translation

The man with whips and whips tied the parts of the chariot with a leather rope and started moving around happily. He saved many people and protected many cows.

卐 HinduText AI