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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 113 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 113 • ऋचा / मन्त्र 9

10.113.9

Mantra ID: 10.113.9

भूरि॒ दक्षे॑भिर्वच॒नेभि॒रृक्व॑भिः स॒ख्येभिः॑ स॒ख्यानि॒ प्र वो॑चत । इन्द्रो॒ धुनिं॑ च॒ चुमु॑रिं च द॒म्भय॑ञ्छ्रद्धामन॒स्या श‍ृ॑णुते द॒भीत॑ये ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.113.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे स्तोताओ! उत्तम शब्दों एवं मैत्रीपूर्ण मंत्रों द्वारा इंद्र के मैत्रीकार्यो का वर्णन करो. इंद्र ने धुनि और चुमुरि नामक राक्षसों को मारते हुए श्रद्धापूर्ण हृदय से दभीति नामक राजर्षि की प्रार्थना सुनी. (९)

EN English Translation

This stotao! Describe Indra's friendly deeds through good words and friendly mantras. Indra listened to the prayer of Rajarshi named Dabhiti with a reverential heart, killing the demons named Dhuni and Chumuri. (9)

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