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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 119 • Mantra / Rik 2

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 119 • ऋचा / मन्त्र 2

10.119.2

Mantra ID: 10.119.2

प्र वाता॑ इव॒ दोध॑त॒ उन्मा॑ पी॒ता अ॑यंसत । कु॒वित्सोम॒स्यापा॒मिति॑ ॥ (२)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.119.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पिया हुआ सोमरस मुझे उसी प्रकार कंपित करता एवं ऊपर उठाता है, जिस प्रकार वायु को कंपाता है. मैं कई बार सोमरस पी चुका हूं. (२)

EN English Translation

The drunk somras vibrates and lifts me up in the same way as the air vibrates. I've had somers drinking many times. (2)

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