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10.150.4
अ॒ग्निर्दे॒वो दे॒वाना॑मभवत्पु॒रोहि॑तो॒ऽग्निं म॑नु॒ष्या॒३॒॑ ऋष॑यः॒ समी॑धिरे । अ॒ग्निं म॒हो धन॑साताव॒हं हु॑वे मृळी॒कं धन॑सातये ॥ (४)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.150.4 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
अग्नि देव देवों के पुरोहित बने. मनुष्यों और ऋषियों ने अग्नि को प्रज्वलित किया था. मैं धन पाने के लिए महान् अग्नि को बुलाता हूं. वे मुझे सुखी करें. (४)
EN English Translation
Agni dev became the priest of the gods. Humans and sages ignited the agni. I call the great agni to get the money. They make me happy. (4)