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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 159 • Mantra / Rik 6

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 159 • ऋचा / मन्त्र 6

10.159.6

Mantra ID: 10.159.6

सम॑जैषमि॒मा अ॒हं स॒पत्नी॑रभि॒भूव॑री । यथा॒हम॒स्य वी॒रस्य॑ वि॒राजा॑नि॒ जन॑स्य च ॥ (६)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.159.6 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मैं अपनी सब सौतों को जीतती हूं. मैं उन्हें पराजित करने वाली हूं, इसी कारण मैं इन वीर इंद्र एवं परिवार के अन्य लोगों पर अधिकार करती हूं. (६)

EN English Translation

I win all my dreams. I am about to defeat them, that's why I take control of these brave Indras and others in the family. (6)

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