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10.171.1
त्वं त्यमि॒टतो॒ रथ॒मिन्द्र॒ प्रावः॑ सु॒ताव॑तः । अशृ॑णोः सो॒मिनो॒ हव॑म् ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 10.171.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे इंद्र! तुमने सोमरस निचोड़ने वाले त्यटू ऋषि के रथ की रक्षा की एवं सोमधारणकर्ता त्यट् की पुकार सुनी. (१)
EN English Translation
O Indra! You protected the chariot of the sage Titu, who squeezed the Somras, and heard the call of the Somadharankar Tyat. (1)