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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 185 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 185 • ऋचा / मन्त्र 3

10.185.3

Mantra ID: 10.185.3

यस्मै॑ पु॒त्रासो॒ अदि॑तेः॒ प्र जी॒वसे॒ मर्त्या॑य । ज्योति॒र्यच्छ॒न्त्यज॑स्रम् ॥ (३)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.185.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

अदिति के ये तीनों पुत्र जिसके जीवन के लिए ज्योति प्रदान करते हैं, उस पर शत्रु का अधिकार नहीं होता. (३)

EN English Translation

The three sons of Aditi for whose life they provide light, the enemy does not have the right over him. (3)

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