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10.189.1
आयं गौः पृश्नि॑रक्रमी॒दस॑दन्मा॒तरं॑ पु॒रः । पि॒तरं॑ च प्र॒यन्स्वः॑ ॥ (१)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.189.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
गमनशील व तेज प्राप्त करने वाले सूर्य उदयाचल को पाकर अपनी माता पूर्व दिशा को प्राप्त करते हैं. वे इसके बाद अपने पिता आकाश के पास जाते हैं. (१)
EN English Translation
The moving and fast-receiving sun attains the east direction by getting udayachal. They then go to their father Akash. (1)