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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 28 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 28 • ऋचा / मन्त्र 9

10.28.9

Mantra ID: 10.28.9

श॒शः क्षु॒रं प्र॒त्यञ्चं॑ जगा॒राद्रिं॑ लो॒गेन॒ व्य॑भेदमा॒रात् । बृ॒हन्तं॑ चिदृह॒ते र॑न्धयानि॒ वय॑द्व॒त्सो वृ॑ष॒भं शूशु॑वानः ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.28.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

“मेरे द्वारा प्रेरित खरगोश अपने पर झपटने वाले सिंह आदि को पकड़ लेता है. मैं दूर से मिट्टी का ढेला फेंककर पर्वत को फोड़ देता हूं. मैं बड़े को छोटे के वश में कर देता हूं. मेरे कारण छोटा बछड़ा शक्तिशाली होकर सांड़ से लड़ने जाता है.” (९)

EN English Translation

"The rabbit inspired by me grabs the lion, etc., that swoops on it. I throw a lump of mud from a distance and break the mountain. I subdue the big to the small. Because of me, the little calf is powerful and goes to fight the bull." (9)

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