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10.42.2
दोहे॑न॒ गामुप॑ शिक्षा॒ सखा॑यं॒ प्र बो॑धय जरितर्जा॒रमिन्द्र॑म् । कोशं॒ न पू॒र्णं वसु॑ना॒ न्यृ॑ष्ट॒मा च्या॑वय मघ॒देया॑य॒ शूर॑म् ॥ (२)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.42.2 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे स्तोता! गाय जिस प्रकार दूध देती है, उसी प्रकार इंद्र अभिलाषा पूर्ण करते हैं. तुम मित्र इंद्र को वश में करो एवं जारतुल्य इंद्र को जगाओ. लोग जिस प्रकार धन से भरे हुए पात्र को उलटा करके उस में से भरा धन निकालते हैं, उसी प्रकार तुम धन देने के लिए शूर इंद्र को अभिमुख करो. (२)
EN English Translation
This is the hymn! Just as the cow gives milk, indra fulfills the desire. You subdue the friend Indra and wake up the jaratlya Indra. Just as people turn the container full of money and remove the money from it, so you should turn to The Brave Indra to give money. (2)