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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 73 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 73 • ऋचा / मन्त्र 9

10.73.9

Mantra ID: 10.73.9

च॒क्रं यद॑स्या॒प्स्वा निष॑त्तमु॒तो तद॑स्मै॒ मध्विच्च॑च्छद्यात् । पृ॒थि॒व्यामति॑षितं॒ यदूधः॒ पयो॒ गोष्वद॑धा॒ ओष॑धीषु ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.73.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र का जो चक्र आकाश में स्थित है, वह इंद्र के लिए मधु देता है. हे इंद्र! तुमने धरती पर लता, घास आदि में जो दूध स्थापित किया है, वह गायों के थनों से दूध के रूप में निकलता है. (९)

EN English Translation

The chakra of Indra which is located in the sky gives honey to Indra. O Indra! The milk that you have installed on the earth in the creeper, grass, etc., comes out of the trunks of the cows in the form of milk. (9)

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