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10.75.5
इ॒मं मे॑ गङ्गे यमुने सरस्वति॒ शुतु॑द्रि॒ स्तोमं॑ सचता॒ परु॒ष्ण्या । अ॒सि॒क्न्या म॑रुद्वृधे वि॒तस्त॒यार्जी॑कीये शृणु॒ह्या सु॒षोम॑या ॥ (५)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.75.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे गंगा, यमुना, सरस्वती, शुतुद्री, परुष्णी, असिक्नी के साथ रहने वाली मरुद्वृधा, वितस्ता, सुषोमा और आर्जीकीया नदियो! तुम मेरी स्तुति को सुनो और स्वीकार करो. (५)
EN English Translation
O river Ganga, Yamuna, Saraswati, Shuturi, Parushni, Marudriddha, Vitasta, Sushoma and Arjikia living with Asikni! You listen to my praise and accept it. (5)