Popular:
ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 83 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 83 • ऋचा / मन्त्र 3

10.83.3

Mantra ID: 10.83.3

अ॒भी॑हि मन्यो त॒वस॒स्तवी॑या॒न्तप॑सा यु॒जा वि ज॑हि॒ शत्रू॑न् । अ॒मि॒त्र॒हा वृ॑त्र॒हा द॑स्यु॒हा च॒ विश्वा॒ वसू॒न्या भ॑रा॒ त्वं नः॑ ॥ (३)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 10.83.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे अतिशय शक्तिशाली मन्यु! तुम हमारे यज्ञ में आओ. तुम मेरे पिता तप से मिलकर शत्रुओं को मारो. हे शत्रुनाशक वृत्रवधकर्ता एवं राक्षसों को मारने वाले मन्यु! तुम सब प्रकार का धन हमारे लिए लाओ. (३)

EN English Translation

O very powerful manu! You come to our yajna. You meet my father Tapas to kill the enemies. O enemies, the enemies of the enemies and the heroes who kill the demons! You bring all kinds of wealth to us. (3)

卐 HinduText AI