Popular:
ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 37 • Mantra / Rik 3

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 37 • ऋचा / मन्त्र 3

3.37.3

Mantra ID: 3.37.3

नामा॑नि ते शतक्रतो॒ विश्वा॑भिर्गी॒र्भिरी॑महे । इन्द्रा॑भिमाति॒षाह्ये॑ ॥ (३)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

ऋग्वेद मन्त्र 3.37.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतक्रतु इंद्र! युद्ध उपस्थित होने पर हम समस्त स्तुतियों द्वारा तुम्हारे नामों के अनुकूल बल की याचना करते हैं. (३)

EN English Translation

O Sahartu Indra! When war is in place, we ask for the strength of all praises to suit your names. (3)

卐 HinduText AI