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ऋग्वेद

Mandal 3 • Sukta 37 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 3 • सूक्त 37 • ऋचा / मन्त्र 9

3.37.9

Mantra ID: 3.37.9

इ॒न्द्रि॒याणि॑ शतक्रतो॒ या ते॒ जने॑षु प॒ञ्चसु॑ । इन्द्र॒ तानि॑ त॒ आ वृ॑णे ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 3.37.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे शतक्रतु इंद्र! गंधर्व, पितर, देव, असुर एवं राक्षस इन पांच जनों में जो इंद्रियां हैं, उन्हें हम तुम्हारी ही समझते हैं. (९)

EN English Translation

O Sahartu Indra! The senses of Gandharva, Pitar, Deva, Asura and Rakshasa in these five people, we understand as yours. (9)

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