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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 47 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 47 • ऋचा / मन्त्र 5

9.47.5

Mantra ID: 9.47.5

सि॒षा॒सतू॑ रयी॒णां वाजे॒ष्वर्व॑तामिव । भरे॑षु जि॒ग्युषा॑मसि ॥ (५)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.47.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! संग्राम में जाने वाले घोड़े को जिस प्रकार घास दी जाती है, उसी प्रकार तुम संग्राम में जीतने वालों को शत्रुओं के धन देते हो. (५)

EN English Translation

Hey Mon! Just as grass is given to the horse that goes into the battle, you give the money of enemies to those who win in the battle. (5)

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