Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
9.86.21
अ॒यं पु॑ना॒न उ॒षसो॒ वि रो॑चयद॒यं सिन्धु॑भ्यो अभवदु लोक॒कृत् । अ॒यं त्रिः स॒प्त दु॑दुहा॒न आ॒शिरं॒ सोमो॑ हृ॒दे प॑वते॒ चारु॑ मत्स॒रः ॥ (२१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 9.86.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
शुद्ध होते हुए सोम उषाओं को विशेष रूप से प्रकाशित करते हैं. लोककर्ता सोम जल में बढ़ते हैं. इक्कीस गायों का दूध दुहते हुए मदकारक सोम उदर में जाने के लिए टपकते हैं. (२१)
EN English Translation
Being pure, mon ushaas are especially illuminated. The folkers grow in som water. Milking the milk of twenty-one cows, the madkari som drips to go into the stomach. (21)