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9.86.25
अव्ये॑ पुना॒नं परि॒ वार॑ ऊ॒र्मिणा॒ हरिं॑ नवन्ते अ॒भि स॒प्त धे॒नवः॑ । अ॒पामु॒पस्थे॒ अध्या॒यवः॑ क॒विमृ॒तस्य॒ योना॑ महि॒षा अ॑हेषत ॥ (२५)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.86.25 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
भेड़ के बालों से बने दशापवित्र पर रस के द्वारा सब ओर से शुद्ध होते हुए हरे रंग के सोम से सात नदियां मिलती हैं. महान् पुरुष मेधावी सोम को अंतरिक्ष के जल में जाने को प्रेरित करते हैं. (२५)
EN English Translation
On the dashapavitra made of sheep's hair, seven rivers meet the green-colored mons, purifying from all sides by juice. Great men inspire the meritorious Mon to go into the waters of space. (25)