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ऋग्वेद

Mandal 9 • Sukta 97 • Mantra / Rik 21

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 9 • सूक्त 97 • ऋचा / मन्त्र 21

9.97.21

Mantra ID: 9.97.21

ए॒वा न॑ इन्दो अ॒भि दे॒ववी॑तिं॒ परि॑ स्रव॒ नभो॒ अर्ण॑श्च॒मूषु॑ । सोमो॑ अ॒स्मभ्यं॒ काम्यं॑ बृ॒हन्तं॑ र॒यिं द॑दातु वी॒रव॑न्तमु॒ग्रम् ॥ (२१)

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ऋग्वेद मन्त्र 9.97.21 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे सोम! हमारे यज्ञ को लक्ष्य करके अपना रस झुलोक से चमू नामक पात्र में गिराओ. सोम हमें मनचाहा, महान्‌, वीर संतान से युक्त एवं बलपूर्ण अन्न दें. (२१)

EN English Translation

Hey Mon! Aim at our yajna and drop your juice from the jhuloka to a vessel called Chamu. Som give us the desired, great, brave offspring and full of strong food. (21)

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