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9.97.3
समु॑ प्रि॒यो मृ॑ज्यते॒ सानो॒ अव्ये॑ य॒शस्त॑रो य॒शसां॒ क्षैतो॑ अ॒स्मे । अ॒भि स्व॑र॒ धन्वा॑ पू॒यमा॑नो यू॒यं पा॑त स्व॒स्तिभिः॒ सदा॑ नः ॥ (३)
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ऋग्वेद मन्त्र 9.97.3 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
यश पाने वालों में परम यशस्वी, धरती पर उत्पन्न एवं प्रिय सोम ऊंचे तथा भेड़ के बालों से बने दशापवित्र पर शुद्ध किए जाते हैं. हे सोम! शुद्ध होते हुए अंतरिक्ष में भली प्रकार शब्द करो एवं कल्याणकारक साधनों से सदा हमारी रक्षा करो. (३)
EN English Translation
Among those who attain success, the most successful, the earth-born and beloved somas are purified on the dashapavitra made of high and sheep's hair. Hey Mon! Speak well in the space while being cleansed and protect us always with welfare means. (3)