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सामवेद

Chapter / Prapathak 2 • Dashati / Sukta 4 • Mantra 10

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 2 • दशती / सूक्त 4 • मन्त्र 10

2.4.10

Mantra ID: 2.4.10

सोमः पूषा च चेततुर्विश्वासाँ सुक्षितीनाम् । देवत्रा रथ्योर्हिता ॥ (१०)

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सामवेद मन्त्र 2.4.10 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोम और पूषा देवताओं के रथ में विराजमान हैं. वे इसी रथ में बैठने योग्य हैं. वे सभी मनुष्यों का उत्साह बढ़ाने वाले हैं. (१०)

EN English Translation

Soma and Pusha are seated in the chariot of the gods. They are able to sit in this chariot. They are going to encourage all human beings. (10)

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