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सामवेद

Chapter / Prapathak 2 • Dashati / Sukta 9 • Mantra 8

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 2 • दशती / सूक्त 9 • मन्त्र 8

2.9.8

Mantra ID: 2.9.8

इमा उ त्वा सुतेसुते नक्षन्ते गिर्वणो गिरः । गावो वत्सं न धेनवः ॥ (८)

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सामवेद मन्त्र 2.9.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे इंद्र! आप त्रहचा (मंत्रों) से स्तुति करने योग्य हैं. प्रत्येक यज्ञ में हमारी प्रार्थनाएं आप के पास वैसे ही जल्दी पहुंचती हैं, जैसे दुधारू गाएं अपने बछड़ों के पास पहुंचती हैं. (८)

EN English Translation

O Indra! You are praiseworthy of trichacha (mantras). In every yajna, our prayers reach you as quickly as milch cows reach their calves. (8)

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