Popular:
सामवेद

Chapter / Prapathak 8 • Dashati / Sukta 1 • Mantra 9

Samaveda (सामवेद)

सामवेद • प्रपाठक / अध्याय 8 • दशती / सूक्त 1 • मन्त्र 9

8.1.9

Mantra ID: 8.1.9

इच्छन्ति देवाः सुन्वन्तं न स्वप्नाय स्पृहयन्ति । यन्ति प्रमादमतन्द्राः ॥ (९)

卐

HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें

सामवेद मन्त्र 8.1.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

卐 AI से समझें

हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

सोमयज्ञ करने वालों पर देवगण की कृपा रहती है. केवल सपने देखने वालों से वे प्रेम नहीं करते हैं. परिश्रम करने वाले ही आनंददायी सोम को प्राप्त कर सकते हैं. (९)

EN English Translation

Those who do Somyagya are blessed by devgan. They don't love only dreamers. Only those who work hard can achieve a blissful Som. (9)

卐 HinduText AI