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ईशावास्योपनिषद् (ईशोपनिषद्) • अध्याय 1, मन्त्र 9

Ishavasya Upanishad (Isha) • शुक्ल यजुर्वेद (Shukla Yajurveda)

ईशावास्योपनिषद् (ईशोपनिषद्) • अध्याय 1 • मन्त्र 9

Ishavasya Upanishad (Isha) 1.9

Mantra: 1.9 [Ishopanishad_1.9]

अन्धं तमः प्रविशन्ति येऽविद्यामुपासते । ततो भूय इव ते तमो य उ विद्यायाँ रताः ॥ ९॥

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उपनिषद मन्त्र संख्या 9 का आध्यात्मिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जो मनुष्य ज्ञान काण्ड की उपेक्षा करके केवल कर्म का सेवन करते हैं वे गहरे अन्धकार में प्रवेश करते हैं और जो लोग कर्म की उपेक्षा करके केवल (विद्यायाम् ) अर्थात् ज्ञान में ही रमण करते हैं वे उससे भी अधिक अन्धकार को प्राप्त होते हैं। इस लिये उपासक को ज्ञान पूर्वक ही कर्म करने चाहिये। ॥९॥
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