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केनोपनिषद् • खण्ड 1, मन्त्र 6

Kena Upanishad • सामवेद (Samaveda - Talavakara Brahmana)

केनोपनिषद् • खण्ड 1 • मन्त्र 6

Kena Upanishad 1.6

Mantra: 1.6 [Kenopanishad_1.6]

यच्चक्षुषा न पश्यति येन चक्षूँषि पश्यति । तदेव ब्रह्म त्वं विद्धि नेदं यदिदमुपासते ॥६॥

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उपनिषद मन्त्र संख्या 6 का आध्यात्मिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

जिस ब्रह्म को आँखों से नहीं देखा जा सकता किन्तु जिसकी सहायता से ये नेत्र देखते हैं - उसी को तुम ब्रह्म जानो। साकार की उपासना की जाती है, वह ब्रह्म नहीं है। तात्पर्य यह है कि ईश्वर निराकार है, शरीर रहित है, निरिन्द्रिय है इसलिये वह नेत्र से दिखाई नहीं देखता है। ॥६॥
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