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केनोपनिषद् • खण्ड 3, मन्त्र 8

Kena Upanishad • सामवेद (Samaveda - Talavakara Brahmana)

केनोपनिषद् • खण्ड 3 • मन्त्र 8

Kena Upanishad 3.8

Mantra: 3.8 [Kenopanishad_3.8]

तदभ्यद्रवत्तमभ्यवदत्कोऽसीति वायुर्वा अहमस्मीत्यब्रवीन्मातरिश्वा वा अहमस्मीति ॥८॥

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उपनिषद मन्त्र संख्या 8 का आध्यात्मिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वायुदेव दौड़ कर यक्षरूपी ब्रह्म के पास पहुंचे, यक्ष ने उससे पूछा कि तू कौन है ? उसने कहा- मैं वायु हूँ, मैं निश्चय मातरिश्वा ही हूँ। ॥८॥
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