Yajurveda Quick Jump
Navigate to any Adhyaya or Mantra
37.9
अश्व॑स्य त्वा॒ वृष्णः॑ श॒क्ना धू॑पयामि देव॒यज॑ने पृथि॒व्याः । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे । अश्व॑स्य त्वा॒ वृष्णः॑ श॒क्ना धू॑पयामि देव॒यज॑ने पृथि॒व्याः । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे । अश्व॑स्य त्वा॒ वृष्णः॑ श॒क्ना धू॑पयामि देव॒यज॑ने पृथि॒व्याः । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे । म॒खाय॑ त्वा म॒खस्य॑ त्वा शी॒र्ष्णे ॥ (९)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
यजुर्वेद मन्त्र 37.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे परमात्मा! आप के लिए पृथ्वी पर किए जा रहे इस दिव्य यज्ञ में हम शक्तिशाली घोड़े को धूपायित (संस्कारमय) करते हैं. हम यज्ञ के लिए आप को ज्ञ के शीर्षस्थ स्थान पर प्रतिष्ठित करते हैं. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करों. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करों. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. यज्ञ के लिए इस दिव्य यज्ञ में ले जाने की कृपा करें. (९)
EN English Translation
O God! In this divine yajna being performed for you on earth, we do the powerful horse dhoopyit (sacrament). We revere you at the top of the gnya for yajna. Please take you to this divine yajna for yajna. Please take you to this divine yajna for yajna. Please take you to this divine yajna for yajna. Please take you to this divine yajna for yajna. Please take you to this divine yajna for yajna. (9)