Answer on: मांडूक्य उपनिषद् में वर्णित 'तुरीय' अवस्था क्या है और यह जाग्रत, स्वप्न, सुषुप्ति से कैसे भिन्न है?
दैनिक जीवन में जब हम ध्यान (Meditation) की गहरी अवस्था में बैठते हैं, जहाँ विचार रुक जाते हैं किन्तु पूर्ण जागरूकता बनी रहती है, वह तुरीय का ही एक प्रारंभिक क्षणिक आभास (Glimpse) है।