Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
1.25.13
बिभ्र॑द्द्रा॒पिं हि॑र॒ण्ययं॒ वरु॑णो वस्त नि॒र्णिज॑म् । परि॒ स्पशो॒ नि षे॑दिरे ॥ (१३)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 1.25.13 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
वरुण सोने का कवच धारण करके अपने बलिष्ठ शरीर को ढकते हैं. उसके चारों ओर सुनहरी किरणें फैलती हैं. (१३)
EN English Translation
Varuna covers his strong body by wearing a gold armor. Golden rays spread around him. (13)