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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 59 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 59 • ऋचा / मन्त्र 7

10.59.7

Mantra ID: 10.59.7

पुन॑र्नो॒ असुं॑ पृथि॒वी द॑दातु॒ पुन॒र्द्यौर्दे॒वी पुन॑र॒न्तरि॑क्षम् । पुन॑र्नः॒ सोम॑स्त॒न्वं॑ ददातु॒ पुनः॑ पू॒षा प॒थ्यां॒३॒॑ या स्व॒स्तिः ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.59.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

पृथ्वी हमें पुनः प्राण प्रदान करे. द्युलोक और अंतरिक्ष हमें पुनः प्राण दें. सोम हमें पुनः शरीर प्रदान करें. पूषा हमें स्वस्तिकारक वाक्य दें. (७)

EN English Translation

May the earth give us life again. May space and space give us life again. Mon give us the body again. Give us the self-styled sentence. (7)

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