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10.66.12
स्याम॑ वो॒ मन॑वो दे॒ववी॑तये॒ प्राञ्चं॑ नो य॒ज्ञं प्र ण॑यत साधु॒या । आदि॑त्या॒ रुद्रा॒ वस॑वः॒ सुदा॑नव इ॒मा ब्रह्म॑ श॒स्यमा॑नानि जिन्वत ॥ (१२)
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ऋग्वेद मन्त्र 10.66.12 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
हे देव! हम मानव तुम्हें यज्ञ अर्पण करने वाले बनें. हमारे प्राचीन यज्ञ को तुम पूर्ण करो. हे आदित्यो, रुद्रपुत्र मरुतो एवं शोभन-दान वाले वसुओ! तुम इन उच्चरित स्तोत्रों को सुनो. (१२)
EN English Translation
Oh, God! Let us humans be the ones who offer you yajna. You complete our ancient yajna. O Adityas, Rudraputra Maruto and Shobhan-daan wala vasuo! You listen to these raised hymns. (12)