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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 99 • Mantra / Rik 8

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 99 • ऋचा / मन्त्र 8

10.99.8

Mantra ID: 10.99.8

सो अ॒भ्रियो॒ न यव॑स उद॒न्यन्क्षया॑य गा॒तुं वि॒दन्नो॑ अ॒स्मे । उप॒ यत्सीद॒दिन्दुं॒ शरी॑रैः श्ये॒नोऽयो॑पाष्टिर्हन्ति॒ दस्यू॑न् ॥ (८)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.99.8 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

वे इंद्र मेघ समूह के समान घास पैदा होने के लिए जल गिराना चाहते हैं तथा हमारे निवासस्थान के लिए हमें मार्ग बताते हैं. वे जब अपने शरीर के सभी अंगों से सोम प्राप्त करते हैं, तब बाज पक्षी के समान लोहमय पीठ वाले बनकर शत्रुओं को मारते हैं (८)

EN English Translation

They want to drop water to produce grass like the Indra Megh group and tell us the way to our habitat. When they receive soma from all parts of their body, hawks kill enemies by becoming lohmy back like a bird (8)

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