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ऋग्वेद

Mandal 10 • Sukta 99 • Mantra / Rik 9

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 10 • सूक्त 99 • ऋचा / मन्त्र 9

10.99.9

Mantra ID: 10.99.9

स व्राध॑तः शवसा॒नेभि॑रस्य॒ कुत्सा॑य॒ शुष्णं॑ कृ॒पणे॒ परा॑दात् । अ॒यं क॒विम॑नयच्छ॒स्यमा॑न॒मत्कं॒ यो अ॑स्य॒ सनि॑तो॒त नृ॒णाम् ॥ (९)

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ऋग्वेद मन्त्र 10.99.9 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

इंद्र महान्‌ शत्रुओं को आयुधों द्वारा भगा देते हैं. उन्होंने कुत्स के स्तोत्र के कारण शुष्ण असुर को मारा था. इद्र ने स्तुति करने वाले उशना कवि के विरोधियों को वश में किया था. वे उशना एवं अन्य मानवों को दान देने वाले हैं. (९)

EN English Translation

Indra drives away great enemies with weapons. He killed the dry asura because of the stotra of Kutsa. Idra had subdued the opponents of the praising Ushna poet. They are going to donate to Ushna and other human beings. (9)

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