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ऋग्वेद

Mandal 2 • Sukta 27 • Mantra / Rik 7

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 2 • सूक्त 27 • ऋचा / मन्त्र 7

2.27.7

Mantra ID: 2.27.7

पिप॑र्तु नो॒ अदि॑ती॒ राज॑पु॒त्राति॒ द्वेषां॑स्यर्य॒मा सु॒गेभिः॑ । बृ॒हन्मि॒त्रस्य॒ वरु॑णस्य॒ शर्मोप॑ स्याम पुरु॒वीरा॒ अरि॑ष्टाः ॥ (७)

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ऋग्वेद मन्त्र 2.27.7 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

मित्र आदि सुंदर पुत्रों की माता अदिति हमें शत्रुओं को पराभव करने वाले मार्ग से ले चलें. हम अनेक वीर पुत्रं से युक्त एवं अन्यों द्वारा अहिंसित होकर मित्र तथा वरुण का सुख प्राप्त करें. (७)

EN English Translation

Aditi, the mother of beautiful sons like friends, etc., may we take us through the path of defeating our enemies. May we enjoy the happiness of friends and Varuna by being unsung by many brave sons and others. (7)

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