Rigveda Quick Jump
Navigate to any Mandal or Mantra / Rik
4.18.1
अ॒यं पन्था॒ अनु॑वित्तः पुरा॒णो यतो॑ दे॒वा उ॒दजा॑यन्त॒ विश्वे॑ । अत॑श्चि॒दा ज॑निषीष्ट॒ प्रवृ॑द्धो॒ मा मा॒तर॑ममु॒या पत्त॑वे कः ॥ (१)
HinduText AI से इस वैदिक मन्त्र का अर्थ समझें
ऋग्वेद मन्त्र 4.18.1 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य
हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)
इंद्र बोले-“योनि से जन्म लेने का मार्ग परंपरागत एवं सनातन है. समस्त देव एवं मनुष्य उसी मार्ग से निकले हैं. गर्भ में वृद्धि प्राप्त करने वाले तुम भी इसी मार्ग से जन्म लो. दूसरा मार्ग अपना कर माता की मृत्यु का काम मत करो.” (१)
EN English Translation
Indra said, "The path to being born vaginally is traditional and eternal. All devas and human beings have gone out of that path. Those who get growth in the womb, you also get birth by this path. Don't take the other path and don't make your mother suffer." (1)