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ऋग्वेद

Mandal 4 • Sukta 48 • Mantra / Rik 5

Rigveda (ऋग्वेद)

ऋग्वेद • मण्डल 4 • सूक्त 48 • ऋचा / मन्त्र 5

4.48.5

Mantra ID: 4.48.5

वायो॑ श॒तं हरी॑णां यु॒वस्व॒ पोष्या॑णाम् । उ॒त वा॑ ते सह॒स्रिणो॒ रथ॒ आ या॑तु॒ पाज॑सा ॥ (५)

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ऋग्वेद मन्त्र 4.48.5 का विस्तृत भावार्थ एवं वैदिक रहस्य

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हि हिन्दी अनुवाद (Hindi Translation)

हे वायु! तुम सौ स्वस्थ अश्वों को अपने रथ में जोड़ो अथवा हजार को. उनसे युक्त तुम्हारा रथ शीघ्रता से आवे. (५)

EN English Translation

O air! You add a hundred healthy horses to your chariot or a thousand. Let your chariot with them come quickly. (5)

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